Top 10 Physiological Changes in Ageing IN HINDI

Ageing :- लगभग 20 से 30 की आयु के दौरान व्यक्ति अपने शरीर के पुरे शारीरिक विकास को प्राप्त कर लेते है। Research study से पता चलता है कि 30 वर्ष के बाद आयु के बढ़ने ( Ageing ) के साथ-साथ धीरे-धीरे शारीरिक और शारीरिक Performance में कमी आने लगते हैं। Research study ये बताते है की लगभग 30 वर्ष की आयु के आस-पास व्यक्ति को शरीर के अधिकतर अंगों के Performance में धीरे-धीरे कमी आने लगती है।

बुढ़ापे ( Ageing ) के कारण शरीर में आने वाले और अलग-अलग बदलाव के बारे में जानने की कोशिश करते है :-

Physiological Changes in Ageing

1. Changes in Muscle Size and Strength

जब कोई व्यक्ति बूढ़ा होता जाता है ( Ageing ) तो उसकी मांसपेशियों के आकर में कमी होने लगता है, जबकि उसके शरीर में वसा ( Fat ) में वृद्धि होता है। मांसपेशियों के आकार में कमी के कारण मांसपेशियों की शक्ति में भी कमी आती है। शक्ति में यह कमी 35-45 वर्ष की आयु के दौरान धीरे-धीरे आती है।

Ageing:- जब कोई व्यक्ति बूढ़ा होता जाता है ( Ageing ) तो उसकी मांसपेशियों के आकर में कमी होने लगता है, जबकि उसके शरीर में वसा ( Fat ) में वृद्धि होता है।Ageing
Ageing

2. Changes in Bone Density

आयु बढ़ने ( Ageing ) के साथ-साथ व्यक्ति की हड्डियों का Density घटने लगता है। इसका अर्थ है कि बूढ़े व्यक्तियों में Specially 40 वर्ष और अधिक आयु के लोगो में युवाओ की अपेक्षा हड्डियों में चोट लगने की संभावना अधिक होती है। वास्तव में यह हड्डियों में पाए जाने वाले अलग-अलग Mineral ; जैसे- कैल्शियम और फास्फोरस आदि में कमी आने के कारण होता है। हड्डियों का Density होने से Weight उठाने की क्षमता में कमी आती है जो हड्डी टूटने का कारण बन सकती है। रीढ़ की हड्डी के जोड़ के पतले हो जाने के कारण लंबाई में कमी आ सकती है।

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3. Changes in Respiratory System

बहुत-से Research study यह बताते है कि बढ़ती आयु ( Ageing ) के साथ-साथ फेफड़ो को सही से काम करने में Problem होने लगती है। फेफड़ो के ऊतकों के लचीलेपन में कमी आती है। उनकी ऑक्सीजन लेने क्षमता और ऑक्सीजन Exchange क्षमता में कम हो जाती है। पसलियों की मांसपेशियाँ जमजोर हो जाती है। इसके साथ-साथ साँस भी छोटा हो जाता है और थकावट भी होने लगता है।

बहुत-से Research study यह बताते है कि बढ़ती आयु ( Ageing ) के साथ-साथ फेफड़ो को सही से काम करने में Problem होने लगती है।
Ageing

4. Changes in Metabolism

आयु बढ़ने ( Ageing ) के साथ-साथ हमारे शरीर की ऊर्जा संबंधी जरूरत कम होती जाती है और Metabolism दर धीमी होती जाती है। इसके कारण शरीर में वसा ( Fat ) जमा होने लगती है और चर्बी से शरीर का Weight, ऊतक, मांसपेशियाँ और जल कम होने लगता है।

5. Changes in Cardio-vascular System

बढ़ती आयु ( Ageing ) के साथ-साथ ह्रदय मांसपेशियों की शक्ति में कमी आती है।

आयु बढ़ने ( Ageing ) के साथ-साथ रक्त वाहिकाए भी अपना लचीलापन खो देता है। वे अधिक सख्त होती जाती है।

आयु बढ़ने ( Ageing )के साथ-साथ high blood pressure में भी वृद्धि होती जाती है। शरीर के कोशिकाओं को कम पोषण प्राप्त होता है।

6. Changes in Nervous System

बहुत-से Research study से पता चलता है कि बढ़ती आयु ( Ageing ) के साथ-साथ Movement time धीमे हो जाते है। Brain का Weight और उसके नेटवर्क का आकार और इसके रक्त Circulation में बढ़ती आयु के साथ-साथ कमी आती जाती है। यदि Brain इन सभी बदलाव का Used to होता है। उसके लिए कुछ याद रख पाना कठिन हो जाता है।

Ageing:- बहुत-से Research study से पता चलता है कि बढ़ती आयु ( Ageing ) के साथ-साथ Movement time धीमे हो जाते है।
Ageing

7. Changes in Flexibility

लचक आयु बढ़ने ( Ageing ) के साथ-साथ कम होती जाती है। Research study यह बताते है की बुढ़ापे में कमर के निचले भाग और कूल्हों का 8-10 से०मी० भाग अपनी लचक खो देता है। जैसे-जैसे आयु बढ़ती जाती है ( Ageing ), जोड़ो की Speed expansion कम होता जाता है।

8. Changes Taste in Ageing

आयु के बढ़ने ( Ageing ) के साथ-साथ Taste की अहसास में कमी आती है। In fact आयु बढ़ने ( Ageing ) के साथ-साथ Taste को अहसास करने की शक्ति में कमी आ जाती है और इसी कारण बुढ़ापे में लोग Taste में कमी का सामना करते है। इसके कारण भोजन में रूचि की कमी आ जाती है।

9. Changes in Smell

लगभग 50 वर्ष की आयु के बाद सूँघने की शक्ति में तेजी से कमी आती है। वास्तव में, नाक के ऊपरी भीग में Active गंध Receptors की संख्या में कमी आ जाती है।

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10. Changes Hearing in Ageing

बुढ़ापे में संतुलन शक्ति कम हो जाती है। बुढ़ापे में लोगो को चक्कर आने की शिकायत हो सकती है और बिना संतुलन खोए तेज चलने में असफल हो जाते है। बुढ़ापे में कानो में कुछ बजने जैसा अहसास होने लगता है।

Ageing:-बुढ़ापे में संतुलन शक्ति कम हो जाती है। बुढ़ापे में लोगो को चक्कर आने की शिकायत हो सकती है और बिना संतुलन खोए तेज चलने में असफल हो जाते है।

Conclusion Ageing

यह कहा जा सकता है की जैसे-जैसे हम बूढ़े होते जाते ( Ageing ) है, हमारे शरीर में बहुत-से बदलाव आते है। इन बदलाव में मांसपेशियों के आकर और शक्ति में कमी, Metabolism दर में कमी, शरीर के Fat less Weight में कमी, शरीर में वसा में वृद्धि, blood flow में कमी, Movement time और Sense of senses मे कमी आदि शामिल है।

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